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धान की रोपाई प्रारम्भ करें किसान

 धान की रोपाई प्रारम्भ करें किसान

अमेठी।

पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश से ज़्यादातर खेतों में पानी भर गया है और प्रतिदिन बारिश हो रही है जिस कारण यह समय धान की रोपाई के लिए काफी अनुकूल है।  जिन किसानों की नर्सरी तैयार है वे धान की रोपाई प्रारम्भ कर चुके है। इस सम्बन्ध में आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं  प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या से संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र, कठौरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ आर के आनन्द ने बताया कि जिन किसानों की नर्सरी 25 दिन से ऊपर हो चुकी है वो इस समय रोपाई कर सकते है। लेकिन उसरीली भूमि में रोपाई हेतु कम से कम 32 से 35 दिन की नर्सरी का उपयोग करे। रोपाई करते समय यह विशेष ध्यान रखें कि पौध उखाड़ने एवं रोपाई के बीच समय अंतराल कम से कम हो। क्योंकि जितना ज्यादा समय अंतराल होगा उतना ही ज्यादा पौधों की स्थापना और उनकी वृद्धि पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। इसलिए नर्सरी में पौधे एक साथ न उखाड़ कर थोडा थोडा उखाड़े और उन्हें तुरंत रोपित करें। यदि खेत मे हरी खाद के रूप में ढैचा की फसल है तो ढैंचा की पलटाई के कम से कम एक सप्ताह बाद ही धान की रोपाई करें। ढैचा की पलटाई के तुरंत बाद रोपाई करने से पौधों पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ ओ पी सिंह ने बताया कि रोपाई से पूर्व 50 किलोग्राम डी. ए. पी. , 40 किलोग्राम यूरिया एवं 25  किलोग्राम पोटाश खेत में आखिरी लेव लगाते समय अच्छी तरह भूमि में मिलाएं। रोपाई के बाद जो पौधे मर जाए उनके स्थान पर दूसरे पौधे तुरंत लगा दें ताकि खेत मे पौधों की संख्या कम न होने पाए।

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