धूमधाम से मनाई गई वीरांगना झलकारी बाई की जयंती
धूमधाम से मनाई गई वीरांगना झलकारी बाई की जयंती
अमेठी।
1857के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना अमर शहीद झलकारी बाई कोरी की 191वीं जयंती. नगर में धूमधाम से मनाई गई।घोडे पर सवार वीरांगना झलकारी बाई के.दृश्य और गाजे बाजे के साथ जुलूस निकाला गया।जुलूस के नगर भ्रमण के बाद बाबा साहब डा अम्बेडकर की प्रतिमा के समक्ष सभा के साथ समारोह का समापन हुआ।
समारोह के मुख्य अतिथि रायबरेली से आए बौद्ध भिक्षु भन्ते धम्मपाल रहे।विशिष्ट अतिथि के रूप मे सलोन के बसपा नेता डा सुनील दत्त और अम्बेडकर वादी चिंतक और वरिष्ठ पत्रकार संजीव भारती ने समारोह को सम्बोधित किया। समारोह मे वक्ताओं ने वीरांगना झलकारी बाई की शौर्य गाथाओं का बखान करते हुए केन्द्र और राज्य की सरकारों से 22नवम्बर को वीरांगना की जयंती पर अवकाश घोषित करने की मांग की।बसपा नेता रामफल फौजी ने कहा कि वीरांगना झलकारी बाई भारतीय इतिहास की कटु सच्चाई है।इतिहास कारों.की भेदभाव पूर्ण लेखनी के कारण झलकारी बाई का इतिहास आजादी के कई साल बाद प्रकाश मे आया।वरिष्ठ पत्रकार संजीव भारती ने कहा कि बहुजन संगठक नामक बसपा के मुखपत्र मे सबसे पहले झलकारी बाई का इतिहास. प्रकाशित हुआ। प्रसिद्ध उपन्यास कार वृन्दावन लाल वर्मा, पूर्व राज्यपाल माताप्रसाद, पूर्व गृहसचिव जिया लाल आर्य सहित एक दर्जन से अधिक साहित्यकारों ने झलकारी बाई के जीवन दर्शन पर किताबें लिखी हैं।
विशिष्ट अतिथि और सामाजिक चिंतक डा सुनील दत्त ने कहा कि झांसी के महासंग्राम का इतिहास लिखने मे इतिहासकारों. ने भेदभाव किया।झांसी की लडाई रानी लक्ष्मीबाई की हमशक्ल झलकारी बाई ने लडी थी और.रानी लक्ष्मीबाई को झांसी की आन मान व मर्यादा की रक्षा को सुरक्षित रुप से किले से बाहर निकाल दिया था।ज्योति वर्मा ने 22नवम्बर को सार्वजनिक अवकाश न घोषित करने के लिए सरकार की आलोचना की।बसपा नेता संजय कुमार कोरी ने कहा कि बसपा की सरकार मे झलकारी बाई के नाम से शुरू किए गए पुरस्कार बंद कर दिए हैं। आयोजन समिति के संयोजक अवकाश प्राप्त प्रशासनिक अधिकारी सियाराम ने कहा कि झलकारी बाई कोरी समाज के गौरव, आन,बान और शान की प्रतीक हैं. ।बौद्ध भिक्षु भन्ते धम्मपाल ने कहा कि झलकारी बाई भारतीय समाज की महिलाओं के स्वाभिमान और गौरव की प्रतीक हैं।सत्यम् वर्मा ने सरकार से झलकारी बाई के नाम से खेल.पुरस्कार शुरू करने की मांग की।आयोजन समिति की ओर से रामशंकर कोरी,राजेश, ललित, कर्मपती,प्रमोद कुमार आदि ने अतिथियों का स्वागत सम्मान किया।समारोह की अध्यक्षता शिक्षिका कोमल चक्रवर्ती और संचालन संजय कुमार ने किया । कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ शिक्षक और आयोजन समिति के सहसंयोजक रामचन्द्र ने किया। सुरेंद्र कुमार, विजय कुमार कोरी,बसपा नेता राम अभिलाष बौद्ध, दयाराम बौद्ध, रामप्रसाद, राजकुमार, जगजीवन, कपिल बौद्ध, लालबहादुर, रामजीत, अमृतलाल, जमुना, शिवदास,शिवराम कोटेदार, सुनील कुमार, हेमराज, बुद्धि राम,सपा नेता सुनील यादव, राज अली, सोनू गौतम, रामू गौतम, रामप्रताप बौद्ध,शारदा देवी आदि मौजूद रहे।
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