बी बी ए यू के कुलपति ने किया सेटेलाईट कैम्पस का निरीक्षण, पुरस्कार वितरण समारोह में डा अम्बेडकर को भूल गयी सेंटर इंचार्ज
बी बी ए यू के कुलपति ने किया सेटेलाईट कैम्पस का निरीक्षण
पुरस्कार वितरण समारोह में डा अम्बेडकर को भूल गयी सेंटर इंचार्ज
टीकरमाफी/अमेठी।
बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के सेटेलाइट सेंटर की ढांचागत समस्याएं इसी वित्तीय वर्ष मे दूर हो जायेंगी।विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य संजय सिंह ने शुक्रवार को अपने पूरे प्रशासनिक अमले के साथ शुक्रवार को सेटेलाइट कैम्पस का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्र -छात्राओं की समस्याओं की बारीकी से पड़ताल की और दोपहर बाद जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि के साथ आडिटोरियम मे आयोजित समारोह में वार्षिक खेल प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को ट्राफी और मेडल प्रदान किए।कुलपति संजय सिंह ने कहा है कि कोरोना काल में सेटेलाइट कैम्पस के विद्यार्थियों ने कम संसाधन और चुनौतियों के बीच आर्थिक नियोजन के साथ अच्छा करते हुए अपने कैरियर को आगे बढ़ाया है। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय अब एनआईआरएफ रैंकिंग में 55वें स्थान पर पहुंच गया है।
कुलपति आचार्य संजय सिंह शुक्रवार को सुबह ही विवि के सेटेलाइट सेंटर में पहुंच गए।जिला पंचायत राजेश अग्रहरि के साथ उन्होंने क्लास रुम,लैब,हास्टल सहित सभी भवनों का निरीक्षण किया।छात्र-छात्राओं से उनकी समस्याएं पूछी और समुचित निस्तारण का भरोसा दिया।आरओ वाटर कूलर को ठीक कराकर पेयजल की व्यवस्था कराई।विद्युत की समस्या के स्थायी समाधान हेतु सबस्टेशन स्थापित कराने का आश्वासन दिया।सभी जर्जर भवनों के निर्माण के लिये बजट की मांग सम्बन्धित प्रस्ताव तैयार कराए।ओएसडी शशिकांत पांडेय ने स्वागत भाषण में सेटेलाइट सेंटर की प्रगति का उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि कोविड की वैश्विक महामारी के बीच सेंटर ने सफलता हासिल की है।अब तीन सौ स्टूडेंट हो गये हैं।फार्मेसी डिप्लोमा का कोर्स शुरु हो गया है।
इनसेट
बाबा साहब डा.अम्बेडकर को भूले संस्थान कर्मी
अमेठी।शुक्रवार को आडिटोरियम मे आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में सेंटर इंचार्ज की लापरवाही खुलकर सामने आई।माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित करने के लिये मां सरस्वती और स्वामी विवेकानंद के फोटो पहले से रखे गए थे।कुलपति संजय सिंह और राजेश अग्रहरि ने दोनों चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर दिया।इसके बाद विवि का कुलगीत हुआ।कुलगीत के दौरान एक संस्थान कर्मी ने बाबा साहब डा.अम्बेडकर की फोटो लगाई और अपना वक्तव्य देने के पहले कुलपति ने बाबा साहब डा अम्बेडकर के चित्र पर पुष्प चढाए।
अभाव में आगे बढना गुरु की शिक्षा का सही सम्मान-राजेश अग्रहरि
अमेठी।बीबीएयू सेटेलाइट सेंटर में आयोजित समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप मे शामिल बीओटी व सड़क निर्माण निधि के सदस्य राजेश अग्रहरि ने पेयजल व्यवस्था को जिला पंचायत की ओर से कैम्पस मे आरओ प्लांट लगवाने की घोषणा की।उन्होंने कहा कि गुरु कई शिक्षा का आदर तब होता है जब आप अभाव में अच्छा करें।विद्यार्थियों के बीच स्वयं के सफल उद्यमी बनने के अनुभव शेयर किये और कहा कि १९९७ से मोमबत्ती के पैकेट बेच कर उन्होंने व्यवसाय शुरू किया।राजेश मसाला फैक्ट्री आज देश कि नम्बर तीन की मसाला फैक्ट्री है।उन्होंने सूत्र बताया-दूर दृष्टि, पक्का इरादा,कड़ी मेहनत, अनुशासन का पालन करते हुए ईमानदारी से काम करना ही सफलता की कुंजी है।
कोट
सेटेलाइट सेंटर के छात्र छात्राओं में टैलेंट की कोई कमी नहीं है।बीबीएयू के मेन कैम्पस की तरह यहां भी समाजपयोगी शिक्षा का अच्छा वातावरण है।सुशिक्षित और संवेदनशील व्यक्ति के निर्माण वाली शिक्षा आज देश की सबसे बड़ी जरूरत है।सेवा के भाव का निर्माण ही शिक्षा है। बाबा साहब डा.अम्बेडकर के सपनों का भारत बनाने के लिये सेवा भाव और समाज निर्माण की शिक्षा की शिक्षा हमारी जरूरत है।बाबा साहब डा अम्बेडकर जीवन के अंतिम समय तक अध्ययन और लेखन करते रहे,यह बाबा साहब का विशिष्ट गुण अन्य महापुरुषों में नही मिलता।
आचार्य संजय सिंह
कुलपति,बीबीएयू लखनऊ


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