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हड़ताल के कारण एम्बुलेंस का चक्का हुआ जाम

हड़ताल के कारण एम्बुलेंस का चक्का हुआ जाम

अमेठी।

जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग 108, 102 के एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर एम्बुलेंस कर्मचारियों के सोमवार को हड़ताल पर चले जाने से न केवल एम्बुलेंस के चक्के जाम हो गए बल्कि इसका विपरीत असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा।

वेतन विसंगति और कर्मियों के शोषण के विरुद्ध एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर एम्बुलेंस कर्मी सोमवार को हड़ताल पर चले गए। प्रदेश अध्यक्ष हनुमान पांडेय के नेतृत्व में हड़ताली कर्मियों का कहना था कि उनसे जीवीकेईएमआरआई सेवा प्रदाता कम्पनी काम तो बारह घंटे का ले रही है लेकिन वेतन मात्र आठ घंटे का ही दे रही है। इसी प्रकार 2015 के बाद वेतन में दस प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि भी नहीं कि गयी। ऊपर से अब मासिक वेतन व्यस्था से हटकर कर्मियों को 108 सेवा पर 100 रुपये प्रति मरीज और 102 सेवा पर 60 रुपये प्रति मरीज की व्यवस्था लागू की जा रही है। यही नही हड़ताली कर्मियों ने सेवा प्रदाता कम्पनी पर फर्जी कार्य करने का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया। कर्मियों का कहना था कि उनसे सेवा प्रदाता कम्पनी फर्जी केस बनाने का दबाव बनाती है। ऐसा न करने पर उन्हें निकालने और अन्यत्र दूर स्थानांतरित करने की धमकी दी जाती है। हड़ताली कर्मियों ने 15 दिवस के भीतर उनकी मांगों पर विचार न किये जाने पर आंदोलन तेज करने की बात कही।  एम्बुलेंस सेवाओ के ठप होने का सीधा असर गंभीर रूप से अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों पर पड़ा। लोग निजी वाहनों के सहारे अस्पताल आने और वहां से रेफर किये जाने पर जिला अस्पताल या लखनऊ मरीज को ले जाने के लिए हलाकान होते दिखे। 

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