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बनपुरवा की प्रधानाध्यापिका निलम्बित, संग्रामपुर थाने में बीएसए से लिखाई रिपोर्ट

 बनपुरवा की प्रधानाध्यापिका निलम्बित, संग्रामपुर थाने में बीएसए से लिखाई रिपोर्ट




दलित बच्चों पर अत्याचार, सामााजिक भेदभाव करने का मामला

सुर्खियों में है जांच, शिक्षिका ने प्रधानप्रतिनिधि पर लगाए आरोप 

अमेठी।

गडेरी  ग्राम पंचायत के प्राथमिक विद्यालय में तैनात एक शिक्षिका की ओर से दलित छात्र -छात्राओं  के साथ कथित सामाजिक भेदभाव की घटना जिले में सुर्खियों में है।बी एस ए की रिपोर्ट मिलने के बाद डी एम अरुण कुमार ने शिक्षिका को निलम्बित कर दिया है। अभिभावकों की शिकायत पर संग्रामपुर  थाने मे रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है।

 प्रा वि बनपुरवा में तैनात प्रधानाध्यापिका  कुसुम सोनी पर  स्कूल मे पढने वाले बच्चों को अलग पंक्ति मे बैठाने और एम डी एम खिलाते समय भेदभाव करने के आरोप हैं। शिकायत मिलने पर डी एम ने बी एस ए को जांच के निर्देश दिए थे।बी एस ए अरविंद कुमार बी डी ओ विजय अस्थाना और खंड शिक्षा अधिकारी हरिनाथ सिंह के साथ स्कूल पहुंचे और बच्चों और अभिभावकों के बयान दर्ज किए। रिपोर्ट मिलने  के बाद डी एम के निर्देश पर बी एस ए ने  शिक्षिका को निलम्बित कर दिया है। 

 संग्रामपुर संवाद के अनुसार ग्राम पंचायत गडेरी के प्राथमिक विद्यालय बनपुरवा की प्रधानाध्यापिका कुसुम सोनी द्वारा विद्यालय में पढ़ने वाले दलित बच्चों को भोजन परोसने  में दलित बच्चों की अलग पंक्ति बनाने, उनके प्रति सामाजिक भेदभाव करने की शिकायत संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी श्री अरुण अरुण कुमार ने तत्काल प्रकरण की जांच करने तथा दोषी प्रधानाध्यापिका के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करने के निर्देश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिए।  जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा  प्रकरण की जांच की गई तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रधानाध्यापिका को तत्काल निलंबित करते हुए थाने में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण)  अधिनियम 1989 (संशोधन 2015) की धारा 3(2) के अंतर्गत एफ0आई0आर0 दर्ज कराई गई है।

आरोपी शिक्षिका बोली- बुरी नीयत से प्रतिदिन स्कूल आते हैं प्रधान प्रतिनिधि

अमेठी। 

आरोपी प्रधानाध्यापिका  कुसुम सोनी ने दलित बच्चों के साथ सामाजिक भेदभाव  की शिकायत को सिरे से खारिज किया।कुसुम ने विश्व वार्ता  को बताया कि गडेरी के ग्राम प्रधान विनय जायसवाल हैं। पवन दूबे, प्रधान प्रतिनिधि बनकर अनुचित तरीक़े से प्रधानी कर रहे हैं। हमारे विद्यालय का सारा स्टाफ महिलाओं का है। पवन दूबे   की नीयत बुरी है ,वे अक्सर स्कूल आकर उल्टी सीधी बातें करते हैं। सोमवार को फल खरीदने के लिए बाजार मे रूकने के कारण मुझे स्कूल पहुंचने मे देरी हो गई। पवन दूबे ने स्कूल पहुंच कर शिक्षामित्र और बच्चों को स्कूल से बाहर कर दिया और ताला लगाकर बच्चों से बातचीत की एक वीडियो बना ली।मेरे साथ साजिश की गई है। मैं स्वयं ओ बी सी की महिला हूं, भेदभाव की बात कभी सोच भी नहीं सकती।

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