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हरियाली को चोट पहुंचा रहे कं क्रीट के जंगल

हरियाली को चोट पहुंचा रहे कं क्रीट के जंगल 
हर गांव में नहीं है वन भूमि
नहीं तैयार हो पाई पौधरोपण की कार्ययोजनाएं
गौरीगंज।
नगर से गांव तक कंक्रीट के जंगल बढ़ने से धरती पर हरियाली को गहरा नुकसान पहुंचा है। हर साल पौधरोपण होने के बाद भी ग्राम समाज की जमीनों और सड़कों के किनारे पड़ों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है। हरे पड़ों की कटान बन्द नहीं हो रही है।
जिले के तेरह विकासखण्डों में कुल 682 ग्राम पंचायतें हैं। शहरीकरण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ने के कारण लोग गांव छोड़कर सड़कों की तरफ भाग रहे हैं। सभी ग्राम पंचायतों में वनभूमि नहीं है। वन विभाग जुलाई महीने में पौधरोपण की तैयारी में लगा हुआ है।
शुक्रवार को हिन्दुस्तान के जिले में पिछले वर्ष हुए पौधरोपण और मौजूदा समय में ग्राम विकास विभाग की तैयारी की जानकारी ली।  जिले की सभी ग्राम पंचायतों को 2000 से 3000 पौध लगाने का लक्ष्य दिया गया है। किसी भी ब्लाक में पंचायतवार कार्ययोजनाएं तैयार करने का काम अभी पूर्ण नहीं हुआ है। पिछले वर्ष सड़कों के किनारे लगाए गए अधिकांश पौध, पौधरोपण स्थल से गायब हैं।
वन विभाग के कई कर्मियों ने बताया कि वन भूमि हर गांव में नही है। विभाग पौधरोपण कराने के तीन साल बाद पौधों को ग्राम समाज को सौंप देता है। पौधों की पर्याप्त सुरक्षा नहीं हो पाती। कुछ पौधे सूख जाते हैं, कुछ जानवर चर लेते हें। सड़कों के किनारे लगाए गए सभी पौधे जीवित नहीं रह पाते। सड़कों के किनारे तेजी से मकान बनने से पौधरोपण को स्थान दिन-प्रतिदिन क म हो रहा है।
पौधरोपण से अधिक जरूरी है पौधों की सुरक्षा
पर्यावरण सेवी टीपी सिंह ने कहा कि वृक्षारोपण के साथ पौधों की सुरक्षा जरूरी है। केवल संख्या बल दिखाने को पौधरोपण नहीं होना चाहिए। जो भी सरकारी विभाग पौधरोपण कराएं कम से कम पांच साल तक पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उठाएं,तभी धरती पर हरियाली बढ़ सकती है।
राज समाज दोनों को चेतना होगा
अमेठी जल बिरादरी के संयोजक डा अर्जुन पाण्डेय ने कहा कि वृक्षारोपण और जल संरक्षण एक दूसरे के पर्याय हैं। धरती पर हरियाली कम होने से साल दर साल बारिश की मात्र कम हो रही है। वायु प्रदूषण बढ़ने से शहरों में स्वच्छ प्राण वायु का संकट हो गया है। जल, जंगल और जमीन के संकट पर राज- समाज देनों को चेतना होगा। पर्यावरण संरक्षण तभी संभव है। 
कोट
वृक्ष प्रकृति के सुन्दर उपहार है। इन्हें संजोकर रखना समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। वन विभाग की ओर से धरती पर हरियाली बढ़ाने को हर वर्ष प्रयास किया जाता है। पौधों की सुरक्षा समाज के हर व्यक्ति का काम होना चाहिए।
उदय प्रताप सिंह
डीएफओ, अमेठी


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