शिक्षार्थियों में कामन सेन्स का विकास करने वाली शिक्षण पद्धति आज की जरूरत- डा संजय सिंह
शिक्षार्थियों में कामन सेन्स का विकास करने वाली शिक्षण पद्धति आज की जरूरत- डा संजय सिंह
रणवीर रणंजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के शिक्षक शिक्षा विभाग में मानव संसाधन मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली के महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद की ओर से सात दिवसीय संकाय संवर्धन कार्यक्रम जारी है।
सोमवार को चौथे दिन राज्य सभा सदस्य डॉ0 संजय सिंह ने कार्यक्रम को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि समाज में व्यावहारिक संवेदना का घटना चिन्ता का विषय है। आज ऐसी शिक्षण पद्धति का विकास करने की जरूरत है, जो मात्र डिग्री न दे बल्कि छात्रों में कॉमन सेन्स का विकास करे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2019 में इसको सम्मिलित करने की जरूरत है। लोगों में कार्य करने की प्रवृत्ति निरन्तर घट रही है,यह एक बड़ी सामाजिक समस्या है। कालेज के प्राचार्य डॉ0 त्रिवेणी सिंह ने कहा कि नैतिकता पर आधारित प्रशासन को गाँधी जी ने समाज के लिए आवश्यक माना है।
महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद् के राज्य समन्वयक डॉ0 अनिल कुमार दुबे ने गाँधी जी की नई तामील को स्पष्ट किया। धार्मिक चिन्तन मनुष्य के सर्वांगीण विकास का आधार है जो विश्वबन्धुत्व की भावना का विकास करता है।
आयोजन सचिव डॉ0 सन्तोष कुमार सिंह ने क्रियात्मक अनुसंधान एवं प्रतिभागी अधिगम को स्पष्ट किया। द्वितीय सत्र में प्रतिभागियों ने महाविद्यालय में ट्रान्जिट वाक किया। सत्र की अध्यक्षता एवं संचालन डॉ0 राधेश्याम प्रसाद ने किया। कार्यक्रम में डॉ0 लाजो पाण्डेय, डॉ0 सुभाष सिंह, डॉ0 धनंजय सिंह, डॉ0 प्रमिला, डॉ0 आकांक्षा श्रीवास्तव, श्रद्धा सिंह, डॉ0 दिनेश बहादुर सिंह, डॉ0 अजय कुमार सिंह, शशिशेखर सिंह आदि प्रतिभागी शिक्षक उपस्थित थे।
रणवीर रणंजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के शिक्षक शिक्षा विभाग में मानव संसाधन मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली के महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद की ओर से सात दिवसीय संकाय संवर्धन कार्यक्रम जारी है।
सोमवार को चौथे दिन राज्य सभा सदस्य डॉ0 संजय सिंह ने कार्यक्रम को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि समाज में व्यावहारिक संवेदना का घटना चिन्ता का विषय है। आज ऐसी शिक्षण पद्धति का विकास करने की जरूरत है, जो मात्र डिग्री न दे बल्कि छात्रों में कॉमन सेन्स का विकास करे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2019 में इसको सम्मिलित करने की जरूरत है। लोगों में कार्य करने की प्रवृत्ति निरन्तर घट रही है,यह एक बड़ी सामाजिक समस्या है। कालेज के प्राचार्य डॉ0 त्रिवेणी सिंह ने कहा कि नैतिकता पर आधारित प्रशासन को गाँधी जी ने समाज के लिए आवश्यक माना है।
महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद् के राज्य समन्वयक डॉ0 अनिल कुमार दुबे ने गाँधी जी की नई तामील को स्पष्ट किया। धार्मिक चिन्तन मनुष्य के सर्वांगीण विकास का आधार है जो विश्वबन्धुत्व की भावना का विकास करता है।
आयोजन सचिव डॉ0 सन्तोष कुमार सिंह ने क्रियात्मक अनुसंधान एवं प्रतिभागी अधिगम को स्पष्ट किया। द्वितीय सत्र में प्रतिभागियों ने महाविद्यालय में ट्रान्जिट वाक किया। सत्र की अध्यक्षता एवं संचालन डॉ0 राधेश्याम प्रसाद ने किया। कार्यक्रम में डॉ0 लाजो पाण्डेय, डॉ0 सुभाष सिंह, डॉ0 धनंजय सिंह, डॉ0 प्रमिला, डॉ0 आकांक्षा श्रीवास्तव, श्रद्धा सिंह, डॉ0 दिनेश बहादुर सिंह, डॉ0 अजय कुमार सिंह, शशिशेखर सिंह आदि प्रतिभागी शिक्षक उपस्थित थे।

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