हाईकोर्ट के आदेश पर अनुदेशकों ने जताई खुशी
हाईकोर्ट के आदेश पर अनुदेशकों ने जताई खुशी
हाईकोर्ट ने दो माह के भीतर अनुदेशकों को मार्च 2017 से 17000 रुपए भुगतान करने का आदेश
अमेठी ।
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात संविदा अनुदेशकों को मानदेय के भुगतान के मामले में हाईकोर्ट के निर्णय पर अनुदेशकों ने खुशी जताई है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में मार्च 2017 से 17000 रुपए प्रति माह मानदेय देने का आदेश जारी किया है।
हाल ही में राज्य सरकार की ओर से 7000 रुपए प्रति माह की दर से मानदेय देने को धनराशि जारी की गई थी। अनुदेशकों को पूर्व में 8470 रुपए मिला रहे थे। राज्य सरकार के निर्णय से अनुदेशक काफी दु:खी थे। मानदेय के भुगतान के सम्बन्ध में हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई का निर्णय बुधवार को आने के बाद अनुदेशकों ने राहत सहसूस की है।
पूूर्व मा अनुदेशक कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष रामजी यादव ने बताया कि पिछले पांच माह से मानदेय नहीं मिला है। अप्रैल और मई का मानदेय 7000 रुपए प्रतिमाह की दर से दिए जाने को राज्य सरकार की ओर से ग्रान्ट जारी की गई है।
अनुदेशकों की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। कोर्ट का निर्णय आज आया है। हाईकोर्ट ने मानदेय घटाने पर सरकार को कड़ी फटकार लगाई है और मार्च 2017 से 17000 रुपए प्रति माह की दर से मानदेय का भुगतान एरियर सहित करने को सरकार को दो माह का समय दिया है।
पूूर्व जिलाध्यक्ष बृजेश त्रिपाठी, प्रमोद कुमार, मौर्य, राजबहादुर, राजेश चौधरी, सुभाष शुक्ल, उमेश त्रिपाठी, ममता सिंह, मोहन कनौजिया, गुड्डन पाल, बविता सिंह आदि ने हाईकोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए खुशी जताई है।
हाईकोर्ट ने दो माह के भीतर अनुदेशकों को मार्च 2017 से 17000 रुपए भुगतान करने का आदेश
अमेठी ।
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात संविदा अनुदेशकों को मानदेय के भुगतान के मामले में हाईकोर्ट के निर्णय पर अनुदेशकों ने खुशी जताई है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में मार्च 2017 से 17000 रुपए प्रति माह मानदेय देने का आदेश जारी किया है।
हाल ही में राज्य सरकार की ओर से 7000 रुपए प्रति माह की दर से मानदेय देने को धनराशि जारी की गई थी। अनुदेशकों को पूर्व में 8470 रुपए मिला रहे थे। राज्य सरकार के निर्णय से अनुदेशक काफी दु:खी थे। मानदेय के भुगतान के सम्बन्ध में हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई का निर्णय बुधवार को आने के बाद अनुदेशकों ने राहत सहसूस की है।
पूूर्व मा अनुदेशक कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष रामजी यादव ने बताया कि पिछले पांच माह से मानदेय नहीं मिला है। अप्रैल और मई का मानदेय 7000 रुपए प्रतिमाह की दर से दिए जाने को राज्य सरकार की ओर से ग्रान्ट जारी की गई है।
अनुदेशकों की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। कोर्ट का निर्णय आज आया है। हाईकोर्ट ने मानदेय घटाने पर सरकार को कड़ी फटकार लगाई है और मार्च 2017 से 17000 रुपए प्रति माह की दर से मानदेय का भुगतान एरियर सहित करने को सरकार को दो माह का समय दिया है।
पूूर्व जिलाध्यक्ष बृजेश त्रिपाठी, प्रमोद कुमार, मौर्य, राजबहादुर, राजेश चौधरी, सुभाष शुक्ल, उमेश त्रिपाठी, ममता सिंह, मोहन कनौजिया, गुड्डन पाल, बविता सिंह आदि ने हाईकोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए खुशी जताई है।
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