मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म -बाबा मनोहर सिंह
मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म -बाबा मनोहर सिंह
20रुपये से गुरु नानक देव जी ने की थी लंगर की शुरुआत
अमेठी।
गुरुद्वारा श्री चंद्र साहब चुग्गा खुर्द मोगा के मुख्य सेवादार बाबा मनोहर सिंह पिछले दो सप्ताह से नगर में प्रवास कर रहे हैं । बाबा मनोहर सिंह लगातार पांचवें वर्ष श्री गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर लंगर का आयोजन कर कर रहे हैं 9 जनवरी को गुरु साहब के प्रकाश पर्व पर चाणक्यपुरी में विशेष आयोजन किया गया है। पंजाब मेल ट्रेन से पटना साहब जाने वाली सिक्ख संगतो को लंगर का वितरण जारी है। मंगलवार को बाबा मनोहर सिंह ने सिक्ख संगतों से बातचीत के बाद लंगर स्थल पर प्रकाश पर्व की तैयारी बैठक की।
बाबा मनोहर सिंह ने बताया कि गुरु नानक देव के पिता जी ने उन्हें 20रुपये खरा सौदा करने के लिए दिए थे। गुरु नानक देव जी को रास्ते मे साधुओं की मंडली मिल गई, उन्होंने कोई और सौदा करने के बजाय साधुओं को भोजन करा दिया। लंगर की परम्परा तभी से शुरू हुई है। सिक्ख धर्म में लंगर से बडा और कोई धार्मिक आयोजन नहीं होता। भूखे को भोजन कराना ही ,सबसे बड़ा पुण्य है। मानवता की सेवा ही सच्चा धर्म है। बाबा मनोहर सिंह ने बताया कि सिक्ख कैलेंडर के अनुसार इस वर्ष पंजाब एवं देश के अन्य सभी राज्यों में गुरु साहब का प्रकाश पर्व नौ जनवरी को मनाया जा रहा है ।नौ जनवरी को चाणक्यपुरी में पहले की तरह विशेष लंगर आयोजन किया जाएगा। तैयारी बैठक में गुरु गोविंद सिंह लंगर आयोजन समिति के सेवादार नारायण सिंह, सुनील त्रिपाठी, संजीव भारती ,रामफल फौजी, अमरीश मिश्र, रोहित, श्रीनाथ, सदाशिव पांडेय, साधना त्रिपाठी, सोनिया आदि मौजूद रहे।
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