Header Ads

सुर्खियों में है नौगिरवा की घटना में पुलिस की कार्रवाई

 सुर्खियों में है नौगिरवा की घटना में पुलिस की कार्रवाई 
पुलिस ने नहीं लिखी दलित महिला की रिपोर्ट

 अमेठी/ गौरीगंज।

 कोतवाली अंतर्गत नौगिरवा का गांव में बुधवार की शाम हुई मारपीट के मामले में पुलिस की कार्रवाई गुरुवार को दिनभर सुर्खियों में रही। पुलिस ने  दूसरे पक्ष की रिपोर्ट नहीं लिखी और दूसरे पक्ष की एक महिला ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर न्याय एवं सुरक्षा की गुहार की है । बुधवार की शाम नौगिरवा के एक युवक रणविजय ने गुटखा खाकर दलित महिला के ऊपर थूक दिया था। इस बात को लेकर महिला शांती देवी की ओर से शिकायत करने पर विवाद हुआ। दोनों परिवारों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले। मारपीट में कोटेदार मंशाराम गुप्ता, अनुज ,राज अरविंद व दूसरे पक्ष से दीपक पुत्र उमाशंकर शांति पत्नी उमाशंकर रामसेवक  और धर्मेंद्र को चोटें आई हैं। पुलिस ने मेडिकल के बाद एक पक्ष की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। 

महिला शांति देवी ने गुरुवार को थाने में प्रार्थना पत्र दिया था। महिला को पुलिस शाम तक थाने में बैठाए रही और 7:00 बजे घर जाने दिया।  दलित महिला शांति देवी का कहना है कि मंशाराम गांव के कोटेदार हैं और होमगार्ड हैं। उनके परिवार के लोग दबंगई कर रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पुलिसकर्मी उनके बेटे की मोटरसाइकिल भी थाने उठा ले आए हैं। शांती देवी ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय एवं सुरक्षा की गुहार की है। उधर भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष विजय कुमार कोरी ने कोतवाल से प्रकरण में निष्पक्ष कार्रवाई का अनुरोध किया।कोतवाल ने उनकी पैरवी खारिज कर दी। इस संबंध में पूछने पर क्षेत्रीय  दरोगा संजय सिंह ने कहा कि कोटेदार परिवार के लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। दूसरे पक्ष के लोगों की चोट की जानकारी नहीं है।

No comments:

Powered by Blogger.