देश में एक समान शिक्षा के पक्षधर थे महात्मा फूले
देश में एक समान शिक्षा के पक्षधर थे महात्मा फूले
महात्मा फूले ने रखी, गुलाम भारत में सामाजिक परिवर्तन की बुनियाद
जयन्ती पर याद की गई महात्मा फूले की सेवाएं
सामाजिक संगठनों ने किये कार्यक्रम
अमेठी।
सामाजिक क्रांति के अग्रदूत कहे जाने वाले महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा राव फूले की 192वीं जयन्ती पर सामाजिक संगठनों ने उनकी सामाजिक सेवाओं का स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। माल्यार्पण व विचार गोष्ठियों के आयोजन हुए।
जिला मुख्यालय पर तथागत गौतम बुद्व लोक कल्याण संघ की ओर से महात्मा फूले के चित्र पर माल्यार्पण के बाद विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गिरधारी नगर मवई व छीड़ा में माल्यार्पण के कार्यक्रम हुए।
अमेठी में डा अम्बेडकर की प्रतिमा के पास बामसेफ के विधान सभा संयोजक आरसी बौद्व के संयोजन मे माल्यार्पण के बाद विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। सूबेदार रामफल ने कहा कि लगभग 170 वर्ष पहले पुरातन पंथियों का भारी विरोध झेलते हुए फूले ने बालिकाओं के लिए पहला स्कूल खोला और अपनी पत्नी को स्कूल की शिक्षिका नियुक्त किया। बाल बिवाह के विरोध, विधवा विवाह का सर्मथन और स्त्री समानता के लिए किए गए उनके काम भुलाए नही जा सकते । संजय कुमार ने कहा कि परिवर्तन समाजिक परिवर्तन के लिए फूले ने कभी सत्ता के सहारे का इन्तजार नहीं किया। सत्य शोधक समाज के माध्यम से उन्होंने अंध विश्वास अशिक्षा एवं रूढ़ियों के शिकार भारतीय समाज को परिवर्तन के लिए तैयार किया।
सियाराम ने कहा कि गुलाम भारत में सामाजिक परिवर्तन की बुनियाद महात्मा फूले ने रखी थी। गोष्ठी का संचालन बामसेफ के विधानसभा संयोजक रामचन्द्र ने किया। यहां रामशंकर, ज्योति वर्मा, कुलरोशन राव, त्रिभुवनदत्त, बृजेश कुमार, राजेन्द्र प्रियदर्शन, छीटू, कुलदीप, प्रमोद कुमार राव आदि मौजूद रहे। हौसिला प्रसाद मौर्य ने कहा कि सामाजिक कुरीतियों के शिकार प्राचीन भारतीय समाज के क्रांतिकारी परिवर्तन के बारे में विचार प्रक्रिया की बुनियाद महात्मा फूले ने रखी थी। रामजियावन मौर्य ने कहा कि महात्मा फूले ने 50 से अधिक स्कूल खोलकर अपवंचितों के शिक्षा के द्वार खोले । वे देश में एक समान शिक्षा प्रणाली लागू करना चाहते थे। डा मिथलेश मौर्य, ओपी मौर्य,गूरू प्रसाद गौतम,शिव सरन, राहुल मौर्य,आदि मौजूद रहे। भोलावती गिरधारी शिक्षण संस्थान मवई में आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय के संस्थापक हौसिला प्रसाद ने बच्चों को फूले दम्पत्ति के जीवन दर्शन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महात्मा फूले के सत्य शोधक समाज के कार्यों और उनकी सफलता में माता साबित्री बाई फूले का महान योगदान रहा है। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्र अ विजय कुमार ने किया। राममिलन भारती,अनिल कुमार आदि मौजूद रहे। लोकनायक जय प्रकाश नारायण सेवा संस्थान के कार्यकर्ताओंं ने 192वीं जयन्ती पर महात्मा फू ले के चित्र पर माल्यार्पण किया। चौधरी संदीप यादव व रेखा यादव ने फूले दम्पत्ति के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला।
महात्मा फूले ने रखी, गुलाम भारत में सामाजिक परिवर्तन की बुनियाद
जयन्ती पर याद की गई महात्मा फूले की सेवाएं
सामाजिक संगठनों ने किये कार्यक्रम
अमेठी।
सामाजिक क्रांति के अग्रदूत कहे जाने वाले महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा राव फूले की 192वीं जयन्ती पर सामाजिक संगठनों ने उनकी सामाजिक सेवाओं का स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। माल्यार्पण व विचार गोष्ठियों के आयोजन हुए।जिला मुख्यालय पर तथागत गौतम बुद्व लोक कल्याण संघ की ओर से महात्मा फूले के चित्र पर माल्यार्पण के बाद विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गिरधारी नगर मवई व छीड़ा में माल्यार्पण के कार्यक्रम हुए।
अमेठी में डा अम्बेडकर की प्रतिमा के पास बामसेफ के विधान सभा संयोजक आरसी बौद्व के संयोजन मे माल्यार्पण के बाद विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। सूबेदार रामफल ने कहा कि लगभग 170 वर्ष पहले पुरातन पंथियों का भारी विरोध झेलते हुए फूले ने बालिकाओं के लिए पहला स्कूल खोला और अपनी पत्नी को स्कूल की शिक्षिका नियुक्त किया। बाल बिवाह के विरोध, विधवा विवाह का सर्मथन और स्त्री समानता के लिए किए गए उनके काम भुलाए नही जा सकते । संजय कुमार ने कहा कि परिवर्तन समाजिक परिवर्तन के लिए फूले ने कभी सत्ता के सहारे का इन्तजार नहीं किया। सत्य शोधक समाज के माध्यम से उन्होंने अंध विश्वास अशिक्षा एवं रूढ़ियों के शिकार भारतीय समाज को परिवर्तन के लिए तैयार किया।
सियाराम ने कहा कि गुलाम भारत में सामाजिक परिवर्तन की बुनियाद महात्मा फूले ने रखी थी। गोष्ठी का संचालन बामसेफ के विधानसभा संयोजक रामचन्द्र ने किया। यहां रामशंकर, ज्योति वर्मा, कुलरोशन राव, त्रिभुवनदत्त, बृजेश कुमार, राजेन्द्र प्रियदर्शन, छीटू, कुलदीप, प्रमोद कुमार राव आदि मौजूद रहे। हौसिला प्रसाद मौर्य ने कहा कि सामाजिक कुरीतियों के शिकार प्राचीन भारतीय समाज के क्रांतिकारी परिवर्तन के बारे में विचार प्रक्रिया की बुनियाद महात्मा फूले ने रखी थी। रामजियावन मौर्य ने कहा कि महात्मा फूले ने 50 से अधिक स्कूल खोलकर अपवंचितों के शिक्षा के द्वार खोले । वे देश में एक समान शिक्षा प्रणाली लागू करना चाहते थे। डा मिथलेश मौर्य, ओपी मौर्य,गूरू प्रसाद गौतम,शिव सरन, राहुल मौर्य,आदि मौजूद रहे। भोलावती गिरधारी शिक्षण संस्थान मवई में आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय के संस्थापक हौसिला प्रसाद ने बच्चों को फूले दम्पत्ति के जीवन दर्शन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महात्मा फूले के सत्य शोधक समाज के कार्यों और उनकी सफलता में माता साबित्री बाई फूले का महान योगदान रहा है। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्र अ विजय कुमार ने किया। राममिलन भारती,अनिल कुमार आदि मौजूद रहे। लोकनायक जय प्रकाश नारायण सेवा संस्थान के कार्यकर्ताओंं ने 192वीं जयन्ती पर महात्मा फू ले के चित्र पर माल्यार्पण किया। चौधरी संदीप यादव व रेखा यादव ने फूले दम्पत्ति के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला।
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