विश्वकर्मा समाज ने किया होली मिलन समारोह
विश्वकर्मा समाज ने किया होली मिलन समारोह
अमेठी।
मंगलवार को सरायराजशाह में विश्वकर्मा समाज की ओर से होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में होली मिलन के बहाने विश्वकर्मा समाज के लोगों ने अपने अतीत,इतिहास और वर्तमान पर आत्म मंथन किया। वक्ताओं ने समाज को नशाखोरी की प्रवृत्ति से बचते हुए शिक्षा, संगठन और संघर्ष के रास्ते पर चलकर प्रगति के वर्तमान दौर में आगे बढ़ने की सलाह दी।
समारोह की शुरूआत भगवान विश्वकर्मा के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। मुख्यअतिथि बनाए गए पूर्व मंत्री डा कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा समारोह में नहीं आ पाए। श्री चैतन्य महाराज ने समारोह को मुख्यअतिथि के रूप में सम्बोधित किया। उन्होंने विश्वकर्मा समाज को खान,पान ,रोजगार और शिक्षा के प्रति सचेत किया। कहा कि विश्वकर्मा समाज की पहचान कर्मशीलता व अच्छाई के रूप में है। ये पहचान बनी रहनी चाहिए।
अम्बेडकर नगर से आए व्यवसायी रामप्यारे विश्वकर्मा ने कहा कि होली मिलन समारोह आपस की कटुता मिटाकर समाज और राष्ट्र उत्थान की प्रेरणा देते हैं। विश्व के निर्माण में योगदान करने वाला विश्वकर्मा समाज आपस में संगठन न होने के कारण ही प्रगति के दौर में पीछे है। विश्वकर्मा समाज ने पूरे देश को कुर्सी बनाकर दिया परन्तु कुर्सी पर बैठने वालों को तैयार नहीं किया। मानसिक गुलामी त्यागकर विश्वकर्मा समाज तकनीकी शिक्षा और उच्च शिक्षा अपनाए तभी समाज प्रगति कर सकता है।
एडवोकेट झिनकूराम विश्वकर्मा ने कहा कि एक और नेक बनकर विश्वकर्मा समाज मताधिकार का सही प्रयोग करे तभी समाज का विकास सम्भव है। रामकुमार विश्वकर्मा ने समाज के विकास को लोगों को सकारात्मक सोच के साथ काम करने की सलाह दी। समारोह का संचालन शिवकु मार विश्वकर्मा ने किया। अजय कुमार विश्वकर्मा, रामबरन विश्वकर्मा, महादेव विश्वकर्मा आदि ने आयोजन समिति की ओर से अतिथियों का स्वागत सम्मान किया।
समारोह को एलआईसी क्लब के मेम्बर सुरेश कुमार विश्वकर्मा ,विद्याराम विश्वकर्मा आदि ने सम्बोधित किया। पुजारी रामानन्द विश्वकर्मा,दीनानाथ विश्वकर्मा,अशोक कुमार विश्वकर्मा,शमशेर विश्वकर्मा, सन्तराम विश्वकर्मा,इंजीनियर गुरु प्रसाद विश्वकर्मा,राकेश विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
अमेठी।
मंगलवार को सरायराजशाह में विश्वकर्मा समाज की ओर से होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में होली मिलन के बहाने विश्वकर्मा समाज के लोगों ने अपने अतीत,इतिहास और वर्तमान पर आत्म मंथन किया। वक्ताओं ने समाज को नशाखोरी की प्रवृत्ति से बचते हुए शिक्षा, संगठन और संघर्ष के रास्ते पर चलकर प्रगति के वर्तमान दौर में आगे बढ़ने की सलाह दी।
समारोह की शुरूआत भगवान विश्वकर्मा के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। मुख्यअतिथि बनाए गए पूर्व मंत्री डा कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा समारोह में नहीं आ पाए। श्री चैतन्य महाराज ने समारोह को मुख्यअतिथि के रूप में सम्बोधित किया। उन्होंने विश्वकर्मा समाज को खान,पान ,रोजगार और शिक्षा के प्रति सचेत किया। कहा कि विश्वकर्मा समाज की पहचान कर्मशीलता व अच्छाई के रूप में है। ये पहचान बनी रहनी चाहिए।
अम्बेडकर नगर से आए व्यवसायी रामप्यारे विश्वकर्मा ने कहा कि होली मिलन समारोह आपस की कटुता मिटाकर समाज और राष्ट्र उत्थान की प्रेरणा देते हैं। विश्व के निर्माण में योगदान करने वाला विश्वकर्मा समाज आपस में संगठन न होने के कारण ही प्रगति के दौर में पीछे है। विश्वकर्मा समाज ने पूरे देश को कुर्सी बनाकर दिया परन्तु कुर्सी पर बैठने वालों को तैयार नहीं किया। मानसिक गुलामी त्यागकर विश्वकर्मा समाज तकनीकी शिक्षा और उच्च शिक्षा अपनाए तभी समाज प्रगति कर सकता है।
एडवोकेट झिनकूराम विश्वकर्मा ने कहा कि एक और नेक बनकर विश्वकर्मा समाज मताधिकार का सही प्रयोग करे तभी समाज का विकास सम्भव है। रामकुमार विश्वकर्मा ने समाज के विकास को लोगों को सकारात्मक सोच के साथ काम करने की सलाह दी। समारोह का संचालन शिवकु मार विश्वकर्मा ने किया। अजय कुमार विश्वकर्मा, रामबरन विश्वकर्मा, महादेव विश्वकर्मा आदि ने आयोजन समिति की ओर से अतिथियों का स्वागत सम्मान किया।
समारोह को एलआईसी क्लब के मेम्बर सुरेश कुमार विश्वकर्मा ,विद्याराम विश्वकर्मा आदि ने सम्बोधित किया। पुजारी रामानन्द विश्वकर्मा,दीनानाथ विश्वकर्मा,अशोक कुमार विश्वकर्मा,शमशेर विश्वकर्मा, सन्तराम विश्वकर्मा,इंजीनियर गुरु प्रसाद विश्वकर्मा,राकेश विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।

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