आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की उम्मीदें बढ़ी
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की उम्मीदें बढ़ी
स्मृति ईरानी के आने का इंतजार
अमेठी ।
नमो सरकार के पिछले कार्यकाल में सेवाओं के नियमीकरण और मानदेय में वृद्धि को केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को कई बार ज्ञापन दे चुकी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की उम्मीदें बढ़ी हुई है। आंगनबाड़ियां महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री के रूप में स्मृति ईरानी के जनपद आगमन का का इंतजार कर रही है।
जिले में आंगनबाड़ी के न्द्रों की कुल संख्या 1943 है। इन केन्द्रों पर पंजीकृ त बच्चों की संख्या पौने दो लाख के आसपास है। गर्भवती व धात्री महिलाएं अलग से पंजीकृत हैं।
इस समय केन्द्रों की हालत खराब है। भीषण गर्मी में बच्चे नहीं आ रहे। केन्द्रों के संचालन का टाइम नहीं बदल रहा। अप्रैल महीने का पोषाहार अभी तक नहीं आया है। बढे़ हुए मानदेय का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। इस समय बच्चों के साथ गर्भवती व धात्री महिलाओं के आधार कार्ड लिंक करने का काम चल रहा है। जिले के जिन आंगनबाड़ी केन्द्रों को अधिकारियों ने गोद लिया है वहां राज्यपोषण मिशन की सेवाएं ठीक से नहीं लागू है।
फिलहाल आंगनबाड़ियां स्मृति ईरानी के पहले दौरे का इंतजार कर रही हैं। आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एशोसिएशन की जिलाध्यक्ष बिन्दु गुप्ता ने कहा कि इस बार महिला एवं बाल विकास विभाग दीदी के पास है, हो सकता है हम लोगों का भला हो जाय।
स्मृति ईरानी के आने का इंतजार
अमेठी ।
नमो सरकार के पिछले कार्यकाल में सेवाओं के नियमीकरण और मानदेय में वृद्धि को केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को कई बार ज्ञापन दे चुकी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की उम्मीदें बढ़ी हुई है। आंगनबाड़ियां महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री के रूप में स्मृति ईरानी के जनपद आगमन का का इंतजार कर रही है।
जिले में आंगनबाड़ी के न्द्रों की कुल संख्या 1943 है। इन केन्द्रों पर पंजीकृ त बच्चों की संख्या पौने दो लाख के आसपास है। गर्भवती व धात्री महिलाएं अलग से पंजीकृत हैं।
इस समय केन्द्रों की हालत खराब है। भीषण गर्मी में बच्चे नहीं आ रहे। केन्द्रों के संचालन का टाइम नहीं बदल रहा। अप्रैल महीने का पोषाहार अभी तक नहीं आया है। बढे़ हुए मानदेय का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। इस समय बच्चों के साथ गर्भवती व धात्री महिलाओं के आधार कार्ड लिंक करने का काम चल रहा है। जिले के जिन आंगनबाड़ी केन्द्रों को अधिकारियों ने गोद लिया है वहां राज्यपोषण मिशन की सेवाएं ठीक से नहीं लागू है।
फिलहाल आंगनबाड़ियां स्मृति ईरानी के पहले दौरे का इंतजार कर रही हैं। आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एशोसिएशन की जिलाध्यक्ष बिन्दु गुप्ता ने कहा कि इस बार महिला एवं बाल विकास विभाग दीदी के पास है, हो सकता है हम लोगों का भला हो जाय।
No comments: