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भीमी में बौद्धाचार्य प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ

भीमी में बौद्धाचार्य प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ


अमेठी।
बौद्ध धर्म के अनुयायियों और अम्बेडकर कल्याण समिति के कार्यकर्ताओं की ओर से आयोजित तीन दिवसीय बौद्धाचार्य प्रशिक्षण शिविर का समापन शुक्रवार को हुआ।  है। डा अम्बेडकर मेमोरियल स्कूल भीमी में आयोजित शिविर में तीसरे दिन धम्मदेशना कार्यक्रम के दौरान ‘भगवान बुद्ध और उनका धम्म’ और बाबा साहब डा अम्बेडकर की 22 प्रतिज्ञाओं पर विस्तार से संवाद हुआ।
भन्ते प्रज्ञानाम ने प्रशिक्षण के दौरान स्वतंत्र भारत में बौद्ध धर्म के विस्तार में बाबा साहब डा अम्बेडकर के योगदान और दुनिया में बौद्ध धर्म के वर्तमान स्वरूप पर विस्तार से संवाद किया। उन्होंने कहा कि तथागत महामानव बुद्ध की सम्यक वाणी व प्रेम की ताकत ने अंगुलि माल जैसे बड़े लुटेरे का हृदय परिवर्तन कर दिया। वह बुद्ध की शरण में चला गया। समता,ममता,करूणा व प्यार बौद्ध धर्म के आधार तत्व हैं। बौद्ध धर्म मानवता का संदेश देता है। इतिहास इस बात का साक्षी है कि दुनिया में कभी युद्ध से किसी भी समस्या का हल नहीं हो पाया है। आज के परिवेश में तथागत बुद्ध के संदेश पूरी दुनिया में और अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।
बुधवार को बुद्ध वन्दना व त्रिसरण पंचशील के बाद प्रशिक्षण शुरू हुआ। आवासीय प्रशिक्षण शिविर में पचास से अधिक लोग शामिल हुए। भन्ते धम्म दीप व भन्ते प्रज्ञानाम ने बौद्ध धर्म की शिक्षाओं के विषय में विस्तार से जानकारी दी। बौद्ध धर्म की मान्यताओं पर चर्चा हुई। प्रतिभागी लोगों को बौद्ध रीति रिवाज से होने वाले संस्कारों के बारे में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण का संयोजन व समन्वयन शिक्षक रामसमुझ, शिवनाथ ,रामसुमिरन चक्रवर्ती, रामभजन व भीम सागर बौद्ध ने किया। आंगनबाड़ी कर्मचारी सहायिका एशोसिएशन की जिलाध्यक्ष आशा बौद्ध के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी प्रशिक्षण में मौजूद रही।

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