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आरआरजीपी में हुई अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर संगोष्ठी


आरआरजीपी में हुई अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर संगोष्ठी
 
अमेठी।
रणवीर रणंजय स्नातकोत्तर महावद्यिालय अमेठी में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बीएड् विभाग की ओर से संगोष्ठी आयोजित की गयी। संगोष्ठी का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वन्दना से हुआ। संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए महावद्यिालय के प्राचार्य डॉ0 त्रिवेणी सिंह ने कहा कि 21वीं सदी नारी सदी के रूप में जानी जायेगी। भारत में वैदिक काल से ही नारी शक्ति का विशेष सम्मान रहा है। दहेज ने नारी शक्ति को कमजोर किया है, विवाह में फिजूल खर्ची ने मनुष्य को भ्रष्ट एवं अनैतिक बनाया। आज नारी को सम्मान देने की जरूरत है। शक्षिा स्वास्थ्य एवं स्वावलम्बन द्वारा ही महिलाओं को सशक्त बना सकते हैं। शक्षिक शक्षिा विभाग की अध्यक्ष डॉ0 लाजो पाण्डेय ने स्वागत करते हुए कहा कि महिलाओं को शक्षिति करने की जरूरत है। महिलाओं के प्रति शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना आज भी जारी है। समाजशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ0 धनंजय सिंह ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए महिलाओं को सशक्तीकरण आवश्यक है। ग्राम पंचायतों के साथ ही संसद में भी महिलाओं का प्रतिनिधत्वि बढ़ाना होगा। महिला आरक्षण भीख नहीं नारी का सम्मान है। डॉ0 प्रमिला ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने की शुरूआत परिवार से करना होगा। डॉ0 एम0पी0त्रिपाठी ने कहा कि महिलाओं को उचित सम्मान देकर ही समाज में समानता लाया जा सकता है। आभार व्यक्त करते हुए डॉ0 सन्तोष कुमार सिंह ने कहा कि आज की नारी तमाम बधाओं को तोड़कर आगे बढ़ने में सक्षम है। कार्यक्रम में डॉ0 सुभाष सिंह, डॉ0 राधेश्याम प्रसाद, डॉ0 दयानन्द, डॉ0 दिनेश बहादुर सिंह, डॉ0 जितेन्द्र पाण्डेय, डॉ0 विनोद कुमार यादव आदि शक्षिक एवं छात्र/छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन छात्रा आस्था ने किया।

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