Header Ads

आरआरपीजी कालेज में हुई कार्यशाला



आरआरपीजी कालेज में हुई कार्यशाला 

अमेठी।
रणवीर रणंजय स्नातकोत्तर महावद्यिालय, अमेठी में राजनीति वज्ञिान विभाग के सौजन्य से सद्धिान्त नर्मिाण एवं शोध प्रारूप की तैयारी विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। कार्यशाला का शुभारम्भ मुख्य अतिथि भीमराव अम्बेडकर केन्द्रीय वश्विवद्यिालय लखनऊ सामाजिक वज्ञिान संकायाध्यक्ष प्रोफेसर रिपूसूदन सिंह एवं प्राचार्य डॉ0 त्रिवेणी सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर किया। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए प्रोफेसर रिपूसूदन सिंह ने कहा कि दर्शन एवं वज्ञिान एक सक्किे के दो पहलू हैं। वज्ञिान सदैव अपने पुराने सद्धिान्त का खंडन करता है। आज सामाजिक वज्ञिान के अनुसंधान में चुनौतियां अधिक हैं। परिवर्तन की गति तेज होने के कारण ज्ञान मीमांसा में निरंतर परिवर्तन हो रहा है। प्रोफेसर सिंह ने कहा कि हमें किसी के पुस्तक को जलाने की नहीं उसके विचारों को समझने की आवश्यकता है। विचारों को समझकर ही उसका खण्डन कर सकते हैं। ज्ञान एवं सत्य सदैव बदलता रहता है। शोधकर्ता अपने अध्ययन द्वारा नवीन सत्य को उजागर करता है। प्राचार्य डॉ0 त्रिवेणी सिंह ने कहा कि सभी में लर्नर की प्रवृत्ति का होना आवश्यक है। भारत को वश्विगुरू बनाने के लिए वश्विवद्यिालयों को वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनानी होगी। गुणात्मक शोध द्वारा ही हम वैश्विक पहचान बना सकते हैं। अतिथियों का स्वागत करते हुए राजनीतिक वज्ञिान विभागाध्यक्ष डॉ0 लाल साहब सिंह ने कहा कि शोधकर्ता के लिए तटस्थ होना आवश्यक है। शोध द्वारा हम सत्य की तरफ एक कदम आगे बढ़ते हैं। यह कार्यशाला शोध छात्रों एवं परास्नातक छात्रों के लिए काफी उपयोगी है। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार डॉ0 अनिल कुमार शुक्ल ने व्यक्त कियां कार्यक्रम में डॉ0 धनन्जय सिंह, डॉ0 मनीषा सिंह, डॉ0 सन्तोष कुमार सिंह, डॉ0 सुधीर सिंह, डॉ0 पवन कुमार पाण्डेय एवं डॉ0 आशीष शुक्ल आदि शक्षिक उपस्थित थे।

द४्रू‘ फीस्र’८

No comments:

Powered by Blogger.