देश की जनता को भ्रमित कर रहा वित्त मंत्री का अंतरिम बजट
देश की जनता को भ्रमित कर रहा वित्त मंत्री का अंतरिम बजट
अमेठी।
प्रकृति विज्ञानी डा अर्जुन पाण्डेय ने कहा कि वित्त मंत्री की ओर से प्रस्तुत बजट के प्राविधानों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अंतरिम बजट में लम्बी चौड़ी घोषणाएं देश की जनता के लिए छलावा के अतिरिक्त और कुछ नहीं। सातवां वेतन मान लागू होने के बाद इन्कम टैक्स के स्लैब में परिवर्तन होना चाहिए। सरकारी कर्मियों को इस बजट से कोई राहत नहीं मिलने वाली। मोदी सरकार अपने पिछले बजट का 60 फीसदी भी नहीं कवर नहीं कर पाई है। चुनावी वर्ष में वित्त मंत्री ने अन्तरिम बजट में किसानों,मजदूरों को सामने रखकर देश की जनता को गुमराह करने की कोशिश की है। इस बजट से केवल उद्योग पतियों और पूंजीपतियों को ही लाभ होगा। अन्तरिम बजट में सरकार की ओर से लम्बे चौड़े प्राविधान करने का कोई औचित्य नहीं।
डा पाण्डेय ने कहा कि एक तरफ सरकार आठ लाख तक की आय वाले लोगों को गरीबी रेखा के नीचे मान रही है, दूसरी तरफ चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी भी करदाता की सूची में आ गए हैं।
अमेठी।
प्रकृति विज्ञानी डा अर्जुन पाण्डेय ने कहा कि वित्त मंत्री की ओर से प्रस्तुत बजट के प्राविधानों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अंतरिम बजट में लम्बी चौड़ी घोषणाएं देश की जनता के लिए छलावा के अतिरिक्त और कुछ नहीं। सातवां वेतन मान लागू होने के बाद इन्कम टैक्स के स्लैब में परिवर्तन होना चाहिए। सरकारी कर्मियों को इस बजट से कोई राहत नहीं मिलने वाली। मोदी सरकार अपने पिछले बजट का 60 फीसदी भी नहीं कवर नहीं कर पाई है। चुनावी वर्ष में वित्त मंत्री ने अन्तरिम बजट में किसानों,मजदूरों को सामने रखकर देश की जनता को गुमराह करने की कोशिश की है। इस बजट से केवल उद्योग पतियों और पूंजीपतियों को ही लाभ होगा। अन्तरिम बजट में सरकार की ओर से लम्बे चौड़े प्राविधान करने का कोई औचित्य नहीं।
डा पाण्डेय ने कहा कि एक तरफ सरकार आठ लाख तक की आय वाले लोगों को गरीबी रेखा के नीचे मान रही है, दूसरी तरफ चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी भी करदाता की सूची में आ गए हैं।
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