डीएम ने किया पशु आश्रय स्थल त्रिलोकपुर का निरीक्षण
डीएम ने किया पशु आश्रय स्थल त्रिलोकपुर का निरीक्षण
अमेठी।
जिले में पशु आश्रय स्थलों का निर्माण दो महीने में पूरी नहीं हो पाया है। छुट्टा जानवर किसानों की फसलें बर्बाद कर रहे हैं। शुक्रवार को डीएम शकुन्तला गौतम ने त्रिलोकपुर में निर्माणाधीन पशु आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने एसडीएम और बीडीओ को तेजी से निर्माण के काम पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
जिले में 18 पशु आश्रय स्थल निर्माणाधीन है। मुसाफिरखाना के नेवादा कनू में 1.20 करोड़ रुपए की लागत से वृहद गो संरक्षण केन्द्र भी निर्माणाधीन है। सिंहपुर ब्लाक की जैतपुर ग्राम पंचायत में एक पशु आश्रय स्थल संचालित है। यहां 150 मवेशी ठहराए गए हैं। अन्य पशु आश्रय स्थल अभी तक बनकर तैयार नहीं हो पाये हैं।
गौरीगंज में सभी पशु आश्रय स्थलों पर निर्माण के काम कई दिन से बन्द है। अमेठी में त्रिलोकपुर में काम चल रहा है। बालीपुर परसांवा, पीपरपुर और सिंठी में काम बन्द है। मुसाफिरखाना में सभी पशु आश्रय स्थल निर्माणाधीन है। एक सप्ताह के भीतर काम पूर्ण होने की सम्भावना है।
कोट
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। सभी 18 पशु आश्रय स्थल निर्माणाधीन हैं। 50 फीसदी से अधिक काम हो गया है। अगले सप्ताह कम से कम दो आश्रय स्थल संचालित होने की संभावना है।
डा रमेश पाठक
सीवीओ ,अमेठी
अमेठी।
जिले में पशु आश्रय स्थलों का निर्माण दो महीने में पूरी नहीं हो पाया है। छुट्टा जानवर किसानों की फसलें बर्बाद कर रहे हैं। शुक्रवार को डीएम शकुन्तला गौतम ने त्रिलोकपुर में निर्माणाधीन पशु आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने एसडीएम और बीडीओ को तेजी से निर्माण के काम पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
जिले में 18 पशु आश्रय स्थल निर्माणाधीन है। मुसाफिरखाना के नेवादा कनू में 1.20 करोड़ रुपए की लागत से वृहद गो संरक्षण केन्द्र भी निर्माणाधीन है। सिंहपुर ब्लाक की जैतपुर ग्राम पंचायत में एक पशु आश्रय स्थल संचालित है। यहां 150 मवेशी ठहराए गए हैं। अन्य पशु आश्रय स्थल अभी तक बनकर तैयार नहीं हो पाये हैं।
गौरीगंज में सभी पशु आश्रय स्थलों पर निर्माण के काम कई दिन से बन्द है। अमेठी में त्रिलोकपुर में काम चल रहा है। बालीपुर परसांवा, पीपरपुर और सिंठी में काम बन्द है। मुसाफिरखाना में सभी पशु आश्रय स्थल निर्माणाधीन है। एक सप्ताह के भीतर काम पूर्ण होने की सम्भावना है।
कोट
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। सभी 18 पशु आश्रय स्थल निर्माणाधीन हैं। 50 फीसदी से अधिक काम हो गया है। अगले सप्ताह कम से कम दो आश्रय स्थल संचालित होने की संभावना है।
डा रमेश पाठक
सीवीओ ,अमेठी

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