शिक्षण एवं अधिगम के नवीन उपागम विषय पर शुरू हुई राष्ट्रीय संगोष्ठी
शिक्षण एवं अधिगम के नवीन उपागम विषय पर शुरू
हुई राष्ट्रीय संगोष्ठी
आरआरपीजी कालेज के शिक्षक प्रशिक्षण विभाग में
भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद् नई दिल्ली की ओर से शिक्षण एवं अधिगम के नवीन
उपागम विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी शनिवार को शुरू हुई। राजर्षि सभागार में मुख्य अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय
के प्रोफेसर राकेश चन्द्रा एवं विशिष्ट अतिथि रूहेल खण्ड विश्वविद्यालय बरेली के प्रोफेसर
एस0के0 वर्मा तथा प्राचार्य डॉ0 त्रिवेणी सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन एवं मां सरस्वती के
चित्र पर माल्यापर्ण करके संगोष्ठी का शुभारम्भ किया। प्राचार्य डॉ0 त्रिवेणी सिंह ने कहा कि समाज में
परिवर्तन शाश्वत है। आदि काल में भारत की सभ्यता विश्व की श्रेष्ठतम सभ्यता थी। हमारी
शिक्षा पद्धति ने ही भारत को विश्व में श्रेष्ठ बनाया था।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर राकेश चन्द्रा ने कहा हमें
सहानुभूति को शिक्षण पद्धति का आवश्यक अंग बनाना चाहिए। तकनीकि को हम आसानी से सीख
सकते हैं। स्वतंत्रता राजनीतिक ही नहीं बल्कि आर्थिक क्षेत्र में आवश्यक है। प्रो0
चन्द्रा ने कहा कि शिक्षा से राजनीति को दूर नहीं किया जा सकता। आज की शिक्षण पद्धति
में ऐसे तकनीकि का प्रयोग आवश्यक है जिससे छात्रों में स्वयं निर्णय लेने की क्षमता
विकसित हो, तभी हमारा लोकतंत्र मजबूत होगा। विशष्टि अतिथि प्रोफेसर एस0के0 वर्मा ने
कहा कि आज हमें शिक्षण के नये उपागमों की सार्थकता साबित करनी है। शिक्षण में न्यू
पेडागागी पद्धति का प्रयोग समय की आवश्यकता है। समूह चर्चा शिक्षण का कौशल बढ़ाती है।
रानी सुषमा देवी महिला पी0जी0 कालेज की प्राचार्या डॉ0 पूनम सिंह ने कहा कि यूट्यूब,
पीपीटी, मूक, स्वयम का प्रयोग कर शिक्षण को अधिक प्रभावशाली बना सकते हैं। कालेजों
में स्मार्ट क्लासेज होनी चाहिए। सभी के प्रति आभार डॉ0 लाजो पाण्डेय ने व्यक्त किया।
आयोजन सचिव डॉ0 एम0पी0 त्रिपाठी ने दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की रूपरेखा प्रस्तुत
किया। संगोष्ठी के प्रथम सत्र में 12 एवं द्वितीय सत्र में 14 शोध पत्र प्रस्तुत किये
गये। संगोष्ठी में डॉ0 लाल साहब सिंह, डॉ0 धनंजय सिंह, डॉ0 दुष्यन्त प्रताप सिंह, डॉ0
ओमशिव पाण्डेय, डॉ0 राम सुन्दर यादव, डॉ0 सन्तोष कुमार सिंह, डॉ0 सुभाष सिंह, डॉ0 राधेश्याम
प्रसाद, डॉ0 प्रमिला, डॉ0 सुधीर सिंह, डॉ0 धर्मेन्द्र वैश्य, डॉ0 पवन कुमार पाण्डेय,
डॉ0 दिनेश बहादुर सिंह, डॉ0 अजय कुमार सिंह, डॉ0 विनोद यादव आदि लोग उपस्थित थे। संगोष्ठी
का संचालन छात्रा आस्था मश्रिा ने किया।

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