घर पर पढ़ाई कर प्रथम प्रयास में नायब तहसीलदार बने शरद सिंह
घर पर पढ़ाई कर प्रथम प्रयास में नायब तहसीलदार बने शरद सिंह
अमेठी।
शिक्षक दम्पत्ति के पुत्र शरद सिंह का चयन प्रथम प्रयास में पीसीएस 2016 की परीक्षा में नायब तहसीलदार के पद पर हुआ है। शरद सिंह ने कोई भी कोचिंग नहीं की। घर पर रहकर ही पीसीएस परीक्षा की तैयारी की है।
शरद कुमार सिंह के पिता डा रामचन्द्र सिंह और मां शशिबाला दोनों शिक्षक हैं। शशिबाला सिंह ने लम्बे समय तक जिले में प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी के पद पर भी काम किया है। रामचन्द्र सिंह आयोग की ओर से 12 बार प्रधानाचार्य पद पर चयनित हो चुके हैं। शरद सिंह के भाई डा सौरभ सिंह,सीएचसी अमेठी में प्रभारी चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात है। भाभी इन्दु सिंह संजय गांधी अस्पताल मंुशीगंज में महिला रोग विशेषज्ञ के पद पर तैनात हैं। शरद सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय रणवीर इंटर कालेज अमेठी के प्राचार्य स्व. डा नागेश सिंह को दिया और कहा कि 2017 की पीसीएस की परीक्षा में उनका पेपर और भी अच्छा हुआ है।
शरद सिंह के चयन पर परिवार में खुशियों का माहौल है। शिक्षक डाक्टर ,इंजीनियर,वकील सभी परिवार को बधाई दे रहे हैं।
अमेठी।
शिक्षक दम्पत्ति के पुत्र शरद सिंह का चयन प्रथम प्रयास में पीसीएस 2016 की परीक्षा में नायब तहसीलदार के पद पर हुआ है। शरद सिंह ने कोई भी कोचिंग नहीं की। घर पर रहकर ही पीसीएस परीक्षा की तैयारी की है।
शरद कुमार सिंह के पिता डा रामचन्द्र सिंह और मां शशिबाला दोनों शिक्षक हैं। शशिबाला सिंह ने लम्बे समय तक जिले में प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी के पद पर भी काम किया है। रामचन्द्र सिंह आयोग की ओर से 12 बार प्रधानाचार्य पद पर चयनित हो चुके हैं। शरद सिंह के भाई डा सौरभ सिंह,सीएचसी अमेठी में प्रभारी चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात है। भाभी इन्दु सिंह संजय गांधी अस्पताल मंुशीगंज में महिला रोग विशेषज्ञ के पद पर तैनात हैं। शरद सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय रणवीर इंटर कालेज अमेठी के प्राचार्य स्व. डा नागेश सिंह को दिया और कहा कि 2017 की पीसीएस की परीक्षा में उनका पेपर और भी अच्छा हुआ है।
शरद सिंह के चयन पर परिवार में खुशियों का माहौल है। शिक्षक डाक्टर ,इंजीनियर,वकील सभी परिवार को बधाई दे रहे हैं।

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