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अमेठी में धूमधाम से मनाई गई रमाबाई अम्बेडकर की जयन्ती

अमेठी में धूमधाम से मनाई गई रमाबाई अम्बेडकर की जयन्ती 

अमेठी।
गुरुवार को  रामलीला मैदान में राष्ट्रीय अम्बेडकर सेना की ओर से संविधान शिल्पी बाबा साहब डा अम्बेडकर की पत्नी रमाबाई अम्बेडकर की 121वीं जयन्ती धूमधाम से मनाई गई। लोककलाकार चन्द्र प्रकाश बौद्ध की टीम ने सोहर,मंगलगीत ओर चेतना गीत प्रस्तुत करके लोगों को प्रेरक संदेश दिए। समारोह स्थल के आसपास बसपा कार्यकर्ताओं की उपस्थिति भी बनी रही।
गुरुवार को सुबह से ही मौसम खराब होने और दोपहर के समय रिमझिम बरसात के बावजूद समारोह स्थल पर महिलाओं की भीड़ डटी रही। समारोह की शुरूआत भगवान बुद्ध ,बाबा साहब डा अम्बेडकर और रमाबाई अम्बेडकर के चित्र पर माल्यार्पण और त्रिसरण पंचशील के साथ हुई। समारोह में अपने मां-बाप के साथ आई कई छात्राओंं ने चेतना और मंगल गीत प्रस्तुत किए। मंच संचालकों की अपील पर भीड़ ने देर तक भारतीय संविधान जिन्दाबाद के नारे भी लगाए। मुख्यअतिथि राष्ट्रीय अम्बेडकर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय प्रताप कोरी ने कहा कि बाबा साहब डा अम्बेडकर की देश-विदेश में उच्च शिक्षा और सामाजिक आन्दोलनों की सफलता में माता रमाबाई का महान योगदान रहा है। रमाबाई का जीवन भारतीय समाज की आधी आबादी के लिए गौरव और प्रेरणा का प्रतीक है। उदय प्रताप कोरी ने आरक्षण के मामले में बसपा को छोड़कर सभी राष्ट्रीय दलों को निशाने पर लिया और सरकारी नौकरियों में एससी/ओबीसी का आरक्षण कोटा आजादी के 71 साल बाद भी पूरा नहीं हुआ है। सरकार कानून बनाकर एससी/ओबीसी को निजी क्षेत्र में भी आरक्षण प्रदान क रे।
राष्ट्रीय अम्बेडकर सेना के अमेठी के जिलाध्यक्ष आलोक कुमार बौद्ध ,भीमराव बौद्ध,उदय प्रताप गौतम,शमशेर,दीप माला बौद्ध आदि ने अतिथि वक्ताओं का स्वागत /सम्मान किया। बौद्ध भिक्षु भन्ते प्रज्ञामित्र ने धम्मोपदेश दिए। समारोह को भारतीय बौद्ध महासभा सुलतानपुर के अध्यक्ष बुधिराम बौद्ध,सीताराम बौद्ध,अनुराधा चौधरी,विनोद कुमार मौर्य,संजय बौद्ध,साधूराम ने सम्बोधित किया। डा उदयराज,संजय कुमार,डा कालिका प्रसाद, धर्मराज कोरी,रामभजन बौद्ध,मदन लाल साहू,रामपाल,अनन्त प्रकाश,वीरेन्द्र राव आदि मौजूद रहे।
इनसेट
सिपाहियों से हुई बहस
अमेठी।
रामलीला मैदान में रमाबाई अम्बेडकर जयन्ती समारोह के दौरान साउण्ड और माइक बजाने को लेकर कोतवाली के सिपाहियों और अम्बेडकर सेना के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई। कार्यकर्ता सिपाहियों की बात मानने को तैयार नहीं हुए। सिपाही वापस कोतवाली गए और प्रभारी निरीक्षक को साथ लेकर आये।  जिले में धारा 144 के प्रभावी होने और पास में परीक्षा केन्द्र होने के कारण कोतवाल राजेश सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और साउण्ड की आवाज धीमी कराई।

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