बौद्धिक सत्र में हुआ पर्यावरण संरक्षण पर संवाद
बौद्धिक सत्र में हुआ पर्यावरण संरक्षण पर संवाद
अमेठी।
राजर्षि रणंजय सिंह आसलदेव पीजी कालेज पीपरपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना का शिविर जारी है। बुधवार को बौद्धिक सत्र को पर्यावरण विद् डा अर्जुन पाण्डेय ने सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि जीवन को सुरक्षित रखने के लिए प्रकृति प्रदत्त वस्तुओं का संरक्षण आवश्यक है। प्रकृति की अनुपम कृति मानव है। प्राकृतिक संसाधनों का अन्धाधुन्ध दोहन बन्द होना चाहिए।
प्राचार्य डा सुरेन्द्र बहादुर सिंह ने स्वागत भाषण में पर्यावरण एवं जल संरक्षण पर जोर दिया। डा धनजंय सिंह ने कहा कि हमें अपनी सोच बदलनी होगी। शिक्षा हमारी सोच में बदलाव का माध्यम बननी चाहिए। कार्यक्रमाधिकारी डा पूनम मिश्रा ने संचालन किया और सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। शिविर के प्रथम सत्र में स्वयं सेवकों ने पीपरपुर गांव में जागरूकता रैली निकालकर जनसामान्य को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर डा अभिमन्यु पाण्डेय,डा राजन अग्रहरि,डा रेनू यादव,रवीन्द्र प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
अमेठी।
राजर्षि रणंजय सिंह आसलदेव पीजी कालेज पीपरपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना का शिविर जारी है। बुधवार को बौद्धिक सत्र को पर्यावरण विद् डा अर्जुन पाण्डेय ने सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि जीवन को सुरक्षित रखने के लिए प्रकृति प्रदत्त वस्तुओं का संरक्षण आवश्यक है। प्रकृति की अनुपम कृति मानव है। प्राकृतिक संसाधनों का अन्धाधुन्ध दोहन बन्द होना चाहिए।
प्राचार्य डा सुरेन्द्र बहादुर सिंह ने स्वागत भाषण में पर्यावरण एवं जल संरक्षण पर जोर दिया। डा धनजंय सिंह ने कहा कि हमें अपनी सोच बदलनी होगी। शिक्षा हमारी सोच में बदलाव का माध्यम बननी चाहिए। कार्यक्रमाधिकारी डा पूनम मिश्रा ने संचालन किया और सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। शिविर के प्रथम सत्र में स्वयं सेवकों ने पीपरपुर गांव में जागरूकता रैली निकालकर जनसामान्य को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर डा अभिमन्यु पाण्डेय,डा राजन अग्रहरि,डा रेनू यादव,रवीन्द्र प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।

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