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60 साल में आरआरपीजी कालेज में किया दो लाख विद्यार्थियों का कैरियर

60 साल में आरआरपीजी कालेज में किया दो लाख विद्यार्थियों का कैरियर 

मंगलवार को आरआरपीजी कालेज के राजर्षि सभागार में आयोजित पुरातन छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में पुरातन छात्रों ने अपने अनुभव बांटे और राष्ट्र व समाज की सेवा में ईमानदारी से दायित्व निर्वहन का संदेश दिया।
सम्मेलन का शुभारम्भ अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वन्दना से हुआ। पुरातन छात्रों को कालेज के प्राचार्य डा त्रिवेणी सिंह ने अंगवस्त्र से सम्मानित किया ।  उन्होंने कहा कि पुरातन छात्र कु म्भ में आये हुए लोगों ने राष्ट्र एवं समाज के विकास में योगदान देकर महाविद्यालय की गौरवशाली परम्परा को स्थापित किया है। कालेज की स्थापना 1959 में हुई थी। यहां से अब तक लगभग दो लाख छात्र छात्राओं ने शिक्षा प्राप्त किया है। नये सत्र में कालेज में सात नये पाठ्यक्रम प्रारम्भ होगें। मुख्यअतिथि राजेश अग्रहरि ने कहा कि हमारे सफल जीवन में गुरुओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। गुरुओं के आदेश निर्देश को सदैव आत्मसात किया। जिसका परिणाम रहा कि बिना तकनीकी शिक्षा प्राप्त किए  सफल व्यवसायी के रूप में स्थापित हूं।
राजकीय महाविद्यालय सांगीपुर प्रतापगढ़ के पूर्व प्राचार्य डा निरंकार सिंह ने अपने छात्र जीवन के अनुभव को बांटते हुए कहा कि अवध क्षेत्र में यह महाविद्यालय अन्य विद्यालयों के लिए रोल माडल है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जीएसटी संयुक्त आयुक्त आगरा मिथिलेश शुक्ल ने कहा हि हमें यह सम्मेलन अपने सहपाठियों एवं गुरुजनों से मिलने का अवसर प्रदान करता है। गुरुजनों के सहयोग से हमें अनेक सेमिनारों में भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ।
सम्मेलन को विशिष्ट अतिथि महेन्द्र प्रताप सिंह,सतीश मिश्र और रवीन्द्र सिंह ने भी सम्बोधित किया। सम्मेलन के संयोजक डा राधेश्याम तिवारी ने सभी अतिथियों का आभार जताया। सम्मेलन में समीक्षा अधिकारी देवानन्द गुप्ता,भाष्कार सिंह, सीएम राम किशोरी श्रीवास्तव,राघवेन्द्र पाण्डेय,डा अंगद सिंह,डा अर्जुन पाण्डेय,डा माधव पाण्डेय,डा दीपक सिंह,डा अक्षयवर नाथ तिवारी, डा लाजो पाण्डेय,डा अनिल शुक्ल,डा संगीता सिंह,रेखा श्रीवास्तव,डा गुरुदीन मिश्र,रमेश तिवारी आदि मौजूद रहे।


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