मनाई गई जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती
मनाई गई जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती
आरक्षण का कर्पूरी ठाकुर फार्मला लागू करने की
मांग
रिक्शे पर बैठकर आफिस आते जाते थे कर्पूरी ठाकुर
अमेठी
गुरुवार को स्थानीय मारवाड़ी धर्मशाला में राष्ट्रीय
नाई महासभा की ओर से जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती मनाई गई। जयन्ती समारोह में उतर
प्रदेश में आरक्षण का कर्पूरी ठाकुर फार्मूला लागू करने की मांग की गई। कई वक्ताओं
ने आयोजकों को अति पिछड़ी जातियों के बीच एकजुटता कायम कर लोकसभा चुनाव में निर्दलीय
प्रत्याशी खड़ा करके देश के सभी राजनीतिक दलों पर दबाव बनाने की भी सलाह दी।
जयन्ती समारोह की शुरूआत महापद्मनन्द और कर्पूरी
ठाकुर के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ हुई। रामअभिलाष शर्मा ने कर्पूरी ठाकुर के जीवन
दर्शन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर ने सादगी और ईमानदारी से
सरकार चलाई। बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने कभी भी सरकार की पावर व संसाधन
का प्रयोग अपने परिवार के हित में नहीं किया। वे रिक्शे पर बैठकर आफिस आते जाते थे।
अयोध्या से आये प्रो रूपेन्द्र ठाकुर ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक सभी राजनैतिक
दलों ने अतिपिछड़ी जातियों को छलने का काम किया है। आरक्षण के मामले में कांग्रेस और
भाजपा दोनों का दृष्टिकोण लगभग समान है। ये दल अतिपिछड़ों को केवल वोट बैंक बनाए रखना
चाहते हैं। हक अधिकार की प्राप्ति को सभी अतिपिछड़ी जातियां मजबूत संगठन खड़ा करके
अपना नेता तैयार करें।
मुख्यअतिथि एटा से आए रामदास सविता ने कहा कि
जननायक कर्पूरी ठाकुर भारतीय राजनीति में आदर्श है। उन्होंने हमेशा संगठन और संघर्ष
के बल पर आगे बढ़ने और समाज का हित सर्वोपरि रखने का संदेश दिया है।
सभा को केपी सविता,राममिलन शर्मा,घनश्याम शर्मा,धर्मपाल,बैरागीराम
भारती,अमरावती सविता,शफीक सलमानी,लक्ष्मी शर्मा,संतोष शर्मा,रामयश शर्मा आदि ने सम्बोधित
किया। एमसीए के अध्यक्ष राजमणि शर्मा की टीम समारोह में शामिल नहीं हुई।

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