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मनाई गई सावित्री बाई फूले की 187 वीं जयंती


मनाई गई सावित्री बाई फूले की 187 वीं जयंती 
अमेठी  ।
भारत में स्त्री शिक्षा की जनक क्रांति ज्योति सावित्री बाई फूले की 187 वीं जयंती पर अम्बेडकर कल्याण समिति के कार्यकर्ताओं और बसपा समर्थकों ने विचार गोष्ठी और माल्यार्पण के कार्यक्रम आयोजित किए। सावित्री बाई फूले के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। विचार गोष्ठी में भारत में अपवंचितों की शिक्षा और समाज सुधार के क्षेत्र में फूले दम्पति के योग पर विस्तार से संवाद हुआ। अम्बेडकर कल्याण समिति की ओर से कमा सिन में आयोजित कार्यक्रम में  बड़ी संख्या में छात्राओं और महिलाओं ने सावित्री बाई फूले के चित्र पर पुष्प चढाए। शिक्षक राजीव रंजन ने कहा कि तीन जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के सतारा जिले के नायगांव में सावित्री बाई फूले का जन्म हुआ था।   सावित्री बाई फूले को पढना लिखना उनके पति महात्मा ज्योतिबा राव फूले ने सिखाया। अंग्रेजों के जमाने में तमाम रुढिवादी परम्पराओं से लडते हुए उन्होंने 1848 में लड़कियों के लिए  पहला स्कूल खोला।  उन्हें भारत की प्रथम महिला शिक्षिका होने का गौरव हासिल है।    प्रतिमा और प्रतिज्ञा नामक छात्राओं ने सती प्रथा विधवा पुनर्विवाह और  अनाथ आश्रमों की स्थापना की दिशा में फूले दम्पति के योगदान और सत्यशोधक समाज की सेवाओं की जानकारी दी।  रज्जन सिंह सियाराम यादव मोहित कश्यप कैलाश कुमारी  बाबू लाल  हीरालाल  राजेन्द्र   राम किशोर आदि मौजूद रहे।
स्कूल में मनाई गई जयंती । भोलावती गिरधारी शिक्षण संस्थान  गिरधारी नगर  जामो में  सावित्री बाई फूले की जयंती पर  शिक्षकों और छात्र छात्राओं ने । वउनके चित्र पर माल्यार्पण  किया।  विद्यालय के  संस्थापक   हौसिला प्रसाद ने बच्चों को सावित्री बाई फूले के जीवन दर्शन की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन  विजय कुमार ने किया।  राम मिलन  मीरा मौर्य प्रियंका वर्मा सविता साहू  शीला प्रजापति अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।
भेटुआ। मुसवापुर चौराहे पर  बसपा समर्थकों ने सावित्री बाई फूले की 187 वीं जयंती मनाई। जगन्नाथ  स्मारक विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में  गुलाम भारत में फूले दम्पति के शिक्षा के आन्दोलन और सत्यशोधक समाज के कार्यो पर विस्तार से जानकारी दी गई। अवकाश प्राप्त शिक्षक सीताराम ने कहा कि गुलामी  की बेड़ियों से जकड़े हुए भारत में सावित्री बाई फूले ने अपने पति महात्मा ज्योति वा राव के साथ मिलकर शिक्षा और समाज सुधार की अलख जगाई।  अपने  छाछठ साल के संघर्ष काल में सावित्री बाई फूले ने  महिलाओं के लिए अठारह  स्कूल खोले  थे।   एस सी एस टी टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के  महामंत्री राम सुमिरन चक्रवर्ती ने  सावित्री बाई फूले के जीवन दर्शन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।   भोलाराम कल्प नाथ  यादव अवधेश यादव राम प्रसाद    आशा देवी     वचना चक्रवर्ती ज्योति   संदीप कुमार  आदि मौजूद रहे।

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